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नई पार्टी का ऐलान फिलहाल टला - राहुल गांधी से मुलाकात के बाद अगला कदम उठाएंगे सचिन पायलट

नई पार्टी का ऐलान फिलहाल टला

जयपुर। कांग्रेस नेता सचिन पायलट द्वारा नई पार्टी बनाए जाने की चर्चाओं के बीच अब दूसरी खबर आई है। बताया जा रहा है कि नई पार्टी बनाने का निर्णय फिलहाल कुछ दिनों के लिए टाल दिया गया है। पायलट द्वारा नई पार्टी बनाने की खबरें पिछले कई दिनों से मीडिया की सुर्खियों में रही है। ऐसे में पार्टी हाईकमान भी लगातार सचिन पायलट के हर कदम पर निगरानी रख रहे हैं। चूंकि पायलट द्वारा अशोक गहलोत के खिलाफ बार बार मोर्चा खोले जाने के बावजूद भी पार्टी ने सचिन पायलट के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया है। वे सार्वजनिक मंच से कह चुके हैं कि अगर वे गलत हैं तो पार्टी उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है। पायलट अब हर कदम बेहद संभल संभल रख रहे हैं।

 

11 जून तो अपनी ताकत का एसहास कराएंगे

 

11 जून को सचिन पायलट के पिता स्वर्गीय राजेश पायलट की पुण्यतिथि है। इस दिन दौसा में स्वर्गीय राजेश पायलट की मूर्ति अनावरण का कार्यक्रम है। इस दौरान सचिन पायलट की अगुवाई में दौसा में बड़ा कार्यक्रम होने जा रहा है जिसकी तैयारियां पिछले एक महीने से चल रही है। 11 जून को पायलट किसी नई पार्टी का ऐलान करने के बजाय अपनी ताकत का एहसास कराएंगे। जिस तरह से 15 मई को पायलट के एक आह्वान पर महज 24 घंटे में सौ से ज्यादा सरपंच, प्रधान, प्रमुख, तीन मंत्री और कई विधायकों के साथ हजारों की भीड़ आमसभा में पहुंच गई थी। इसी तरह एक महीने की तैयारी के बाद 11 जून को होने वाले कार्यक्रम में लाखों की तादाद में भीड़ उमड़ने की संभावना है। शक्ति प्रदर्शन के जरिए पायलट सिर्फ अपनी ताकत का एहसास कराएंगे और आगे के आन्दोलन का ऐलान करेंगे।

 

दौसा में हुए सड़क हादसे में गई थी राजेश पायलट की जान

 

11 जून 2000 को सचिन पायलट के पिता राजेश पायलट की दौसा में हुए एक सड़क हादसे में निधन हो गया था। वे दौसा लोकसभ सीट से सांसद थे। राजेश पायलट के निधन के बाद उनकी पुण्यतिति पर हार साल दौसा में उन्हें बड़े आदर के साथ याद किया जाता है और श्रद्धांजलि सभा के जरिए स्वर्गीय पायलट को नमन किया जाता है। सचिन पायलट को भी जनता का बेहद प्यार मिल रहा है। अपनी कुशल नेतृत्व क्षमता के कारण सचिन अपने पिता की राह पर चल रहे हैं।

 

मांगों पर अडिग हैं पायलट, राहुल से मुलाकात के बाद लेंगे अंतिम निर्णय

 

गत 29 मई को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्ल्किार्जुन खरगे, राहुल गांधी और केसी वेणुगोपाल के साथ अशोक गहलोत और सचिन पायलट की बैठक हो चुकी है। विवाद के सारें मुद्दों पर बातचीत हुई। बाद में यह कहा गया कि गहलोत और पायलट के बीच सुलह हो गई है। दोनों मिलकर चुनाव लड़ेंगे लेकिन सचिन पायलट ने टोंक दौरे के दौरान साफ कर दिया कि वे अपनी मांगों पर अडिग हैं। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होगी, तब तक वे पीछे हटने वाले नहीं है। ऐसे में साफ जाहिर हो गया है कि सचिन पायलट अब यूं ही मानने के मूड में नहीं हैं।

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